Monday, April 15, 2024
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मोदी कार पीछे देखकर चला रहे : हादसे पर सवाल पूछो तो कहेंगे, ये तो कांग्रेस ने 50 साल पहले किया था।

Tid, रविवार देर रात न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के लोगों को राहुल गांधी ने संबोधित किया। कार्यक्रम न्यूयॉर्क के जेविट्स सेंटर में हुआ। राहुल ने यहां 26 मिनट भाषण दिया।

लोगों को सम्बोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश को पीछे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा- आप सब कार में बैठकर इस कार्यक्रम में आए, अगर आप सिर्फ रियर व्यू मिरर में देखकर गाड़ी चलाएंगे, तो क्या सही से चला पाएंगे। एक के बाद एक हादसे होंगे। लेकिन PM मोदी देश की गाड़ी ऐसे ही चला रहे हैं। वे सिर्फ पीछे की तरफ देख रहे हैं और फिर हैरान हो रहे हैं कि हादसे पर हादसे क्यों हो रहे हैं।

हम यम के गांधी को और वे नाथूराम गोडसे को मानते हैं

सम्बोधन में राहुल ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई छिड़ी हुई है। इसमें एक तरफ महात्मा गांधी हैं और दूसरी तरफ नाथूराम गोडसे है। गोडसे ने गांधी को मारा, क्योंकि वह अपनी जिंदगी से खुश नहीं था। उसे किसी पर अपना गुस्सा निकालना था, तो उसने यम के गांधी जैसे इंसान को चुना

राहुल ने कहा कि महात्मा गांधी मॉडर्न थे, वे आगे की बात करते थे। गोडसे कायर था, वह सिर्फ बीते हुए कल की बात करता था। भाजपा इस विचारधारा को मानती है। हम महात्मा गांधी की सत्य और अहिंसा की विचारधारा को मानते हैं।

मैं आपके मन की बात सुनना चाहता हूं, और वे अपने मन की बात सुनाना

राहुल ने अपने सम्बोधन में कहा कि अगली बार अमेरिका आया तो मैं शिकागो, डैलस, अटलांटा जैसे दूसरे राज्यों में भारतीय समुदायों से मिलना चाहूंगा। मैं आप सबके साथ एक प्यारभरा आत्मीय रिश्ता बनाना चाहता हूं। जहां आप मुझसे अपने मन की बात कह सकें। मैं यहां आकर अपने मन की बात नहीं करना चाहता हूं।

अपनी गलतियों का इल्जाम भाजपा दूसरों पर लगाती है

राहुल बोले कि भाजपा और PM मोदी अपनी गलतियों के लिए दूसरों पर इल्जाम डालते हैं। जब कांग्रेस की सरकार में हादसा हुआ था, तो कांग्रेस ने कभी नहीं कहा कि ये अंग्रेजों की गलती से हुआ। कांग्रेस के रेल मंत्री ने हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।

भारत में प्रेस की स्वतंत्रता नहीं, लोग बेरोजगारी-महंगाई से परेशान

राहुल ने कहा था- भारत में प्रेस की स्वतंत्रता कमजोर होती जा रही है और यह बात सभी जानते हैं। मुझे लगता है कि लोकतंत्र के लिए प्रेस की स्वतंत्रता और आलोचना को सुनना जरूरी है।मैं पूरे भारत में घूमा हूं। कन्याकुमारी से कश्मीर तक घूमा हूं। लाखों भारतीयों से सीधे बात की है। मुझे वो लोग खुश नहीं लगे और वो बेरोजगारी, महंगाई से बहुत परेशान हैं।

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