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Friday, July 19, 2024
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विपक्षी एकता तभी संभव है, जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद की दावेदारी छोड़े : केजरीवाल

Tid : आम आदमी पार्टी ने विपक्षी एकता पर अब तक शर्तों के मुताबिक कांग्रेस संसद में दिल्ली अध्यादेश का विरोध नहीं करती है तो आप पार्टी, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी दल का साथ नहीं देगी।

 विपक्षी एकता तभी संभव है, जब कांग्रेस राहुल गांधी पर तीसरी बार दांव नहीं लगाएगी- आम आदमी पार्टी

लेकिन अब AAP पार्टी ने कांग्रेस के सामने एक नई शर्त रखी है। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा है कि कांग्रेस को राहुल गांधी को तीसरी बार नेता के तौर पर आगे नहीं करना चाहिए। और विपक्ष को मजबूर नहीं करेगी। प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि देश के हित में यह संविधान बचाने से भी अधिक महत्वपूर्ण है।

आप पार्टी ने किया भारतीय संविधान का अपमान

प्रियंका कक्कड़ यह कहना कि कांग्रेस को राहुल गांधी को तीसरी बार नेता के तौर पर आगे नहीं करना चाहिए। और विपक्ष को मजबूर नहीं करेगी। यह तो अपनी जगह था, लेकिन प्रियंका कक्कड़ यह कहना कि, प्रधनमंत्री पद देश हित में संविधान बचाने से भी अधिक महत्वपूर्ण है- संविधान और संविधान निर्माता का अपमान है।

AAP नेता संयुक्त बयान के लिए बैठक में नहीं रुके

AAP प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और संजय सिंह ने 23 जून को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना में बुलाई गई विपक्षी दलों की मेगा बैठक में भाग लिया। AAP नेता संयुक्त बयान के लिए बैठक में नहीं रुके और दोपहर के भोजन के बाद वापस दिल्ली चले गए। दिल्ली से AAP ने एक बयान जारी कर कहा कि अगर कांग्रेस दिल्ली अध्यादेश के मुद्दे पर AAP का समर्थन नहीं करती है तो कांग्रेस के साथ कोई भी गठबंधन करना बहुत मुश्किल होगा।

भाजपा की बी टीम कौन ?

कांग्रेस नेता अजय माकन ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए केजरीवाल के समर्थन का हवाला दिया और पूछा कि, भजपा की बी टीम कौन थी ?

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